हिल स्टेशन हिल स्टेशन, ये शब्द सुनते ही याद आ जाती हैं वो पुरानी हिन्दी फिल्मे, जिन्होंने बखूबी पहाड़ के सौन्दर्य,रहन-सहन और लोकगीतों को हमसे जोड़ा, तब से ख्वाईश थी की, कब मे भी वहाँ जाऊ ओर बस वही खो जाऊं!